एक सुहाना दिन


फरवरी के लिए कैलेंडर बदल गए हैं कल San Jose में कई दिनों बाद धुप निकली। फिर क्या था मैं और रेवा निकल लिए घुमने। रेवा पुरे रास्ते चकर-पकर देखती रही। पहली बार इतनी देर तक धुप में घूमी 🙂
मेरे सास-ससुर भी भारत वापस चले गए तो अब घर में खाली खाली लगने लगा है। अब मैं और रेवा ही एक दुसरे से बात कर लेते हैं। कल रेवा की मालिश करते समय उसका तिल देखा, आखिर भगवान् ने उसे निशान दे ही दिया। मैंने बहुत दिनों से ठुण्ड रही थी और फिर कल दिखा रेवा अब थोड़ा पलटने की कोशिश करती है, इंतज़ार मैं हूँ की कब मेरा बच्चा ठुमक ठुमक चलेगा।

आजकल मुझे क्रोचिये से प्यार हो गया, बस हर समय इन्टरनेट पर क्रोचेत के बारे में ही पढ़ती रहती हूँ और कुछ न कुछ बनाने की कोशिश करती हूँ। रेवा की लिए ये टोपी बनायीं है –

अब थोड़ा समय मिला है तो अब अपनी क्रोचेत की नयी किताब पढना शुरू करती हूँ।
आशा करती हूँ की आपका दिन भी सुहाना हो !!

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5 thoughts on “एक सुहाना दिन

  1. M VERMA

    रेवा की यह टोपी बहुत प्यारी है. रेवा को पहनाकर तस्वीर लेती तो ———

    Reply

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