सीरियल कैसे कैसे !!

मैं एक भी हिंदी सीरियल नहीं देखती, मुझे सीरियल से बहुत चिड है। और अगर वो सीरियल एकता कपूर का हो तो टीवी फोड़ने की इच्छा होती है। मेरी सासु माँ धारावाहिक देखती हैं और उनके समय काटने के लिए हम लोगो ने हिंदी channels लगवाए। पता नहीं कितने दिनों बाद मैंने हिंदी channels देखे होंगे।
हे भगवान् !! क्या देख रहे हैं हम मनोरंजन के नाम पर। भारी भारी सारियां पहनकर घर के बहुएं साजिश के अलावा कुछ नहीं करती। कोई अपने पति की दूसरी शादी करवा रही है, कोई इतना सच्ची है की अपने बहन के पति को बचाने के लिए झूठ नहीं बोल सकती, कहीं शादी करने के लिए मंच का सहारा लेना पड़ रहा है, संगीत प्रतियोगिता को कहीं कहीं एक दम ढोंग बना दिया है।
क्यों इतनी चमक दमक है, कोई सरलता क्यों नहीं है। क्या साधारण सी सारी पहनकर कोई धारावाहिक नहीं बन सकता ? क्या संगीत समारोह बिना तामझाम के नहीं हो सकते ? बड़ा दुख होता है ये देख कर की हम इतना संचार और पैसा फालतू दिखावे में बर्बाद कर रहे हैं।
आप मुझे बताइए की आपको कौनसा सीरियल पसंद है और क्यों ??

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4 thoughts on “सीरियल कैसे कैसे !!

  1. आनंद जी.शर्मा

    TeleVision is a marvel of Science – but a combination there is called Idiot-Box,
    The Person being Administered Opium is an Idiot – and the TV simply a Box.

    Sale of Opium is Banned – but every house is now having their own Opium Shops,
    24 Hours Mental Opium is Administered by TV channels – and that Never Stops.

    * The above is just part of full poetry. If interested in Real Face of Media, please write back.
    Anand G. Sharma
    anandgsharma@gmail.com

    Reply

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