मुझे फिर देर हो गयी लिखने में –

आज २ महीने से ऊपर हो गए मुझे ब्लॉग पर कुछ लिखे हुए, क्या करू समय ही नहीं मिला। रेवा के साथ दिन और रात का पता ही नहीं चलता। और फिर मेरे सास-ससुर जी आये हुए हैं भारत से तो वक़्त कहा उड़ जाता है नहीं मालूम। करीब २ साल बाद हमारा परिवार इक्कठा हुआ है। बड़ा आनंद है घर में।
रेवा भी अब बड़ी हो रही है। अब उसके उठने का समय बढ़ गया है। अब रोशनी पहचानने लगी है। गागा-गीगी करती हैं, अपने आप खेलने लगती है। लोरियां, गाने सुनती है, विशाल जब गिटार बजाते हैं तो ध्यान से सुनती है। देख के बड़ी ख़ुशी होती है, अब मेरा मुन्ना बड़ा हो रहा है :))
विशाल ने नया digital SLR लिया है। Nikon d5000. कुछ तस्वीर –

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2 thoughts on “मुझे फिर देर हो गयी लिखने में –

  1. Anonymous

    waalaah kya tasveery hain…aap to bahot haseen jagah pe rehti hai… pattiyaan jaise subah ke sooraj ki kirano se rang uthey ho..
    aur kya tassavur pesh kiya hai aapne apne parivaar ka… khuda kare aapki bitiya isi tarh khilkhilaati rahey…

    Reply

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