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एक नई शुरुआत

भगवान् ने मुझे जीवन का सबसे सुंदर उपहार दिया हैमेरी बेटी रेवा अगस्त २७ की सुबह बजे मुझे ये प्यारा फूलों सा गुलदस्ता मिला उपहार इतनी आसानी से नही मिला, भगवन ने हमारी छोटी से परिक्षा भी ली शायद हम उस परिक्षा में अव्वल दर्जे से पास हुए तभी इतना अनमोल तौफा मिला अब हमारी जीवन शैली ही बदल गई है, दिन और रात सब एक बराबर और हम इससे बहुत खुश है रेवा के साथ गुजरा हुआ एक एक पल अनमोल होता है. उसकी प्यारी प्यार आंखें, नन्हे नन्हे हाथ पैर, अब तो उसने मुस्कुराना भी शुरू कर दिया है – विश्वास नही होता की मैंने इतनी प्यारी गुड़िया को जन्म दिया है।

अब मेरे जीवन के मायने बदल गए हैं और इसके साथ साथ ये ब्लॉग भी। वक्त तो अब उतना हाथ में रहा नही पर जब भी समय मिलेगा ज़रूर लिखुंगी।