Valentine’s Day – क्या प्यार का इज़हार करना कोई गुनाह है ??? –

Valentine’s Day हमारे देश मैं इस तरह से याद किया जाता है :

http://ibnlive.in.com/news/indias-shame-incidents-of-hatred-on-vday/85366-3.html

http://www.belfasttelegraph.co.uk/breaking-news/world/asia/six-arrested-in-valentines-day-protests-14188756.html

क्या प्यार का इज़हार करना इतना ग़लत है ?? हमारी सरकार या वो संस्थाएं हो जो इस दिन का बहिष्कार करती हैं, तब क्या सो रही थी जब ये चलन बड़ी बड़ी multinational companies अपने उत्पाद बेचने का सहारा ले रही थी। तब क्यों स्वीकृति दे दी, तब याद नहीं आई संस्कृति और अब दोष देते हैं युवा पीढ़ी को। क्यों इतनी खिलाफत, इतनी नफरत, क्या प्यार इतना गन्दा होता है ??

साल में एक दिन आता है जब आप खुल के अपने प्यार का इज़हार करते हैं ?? और प्यार क्या सिर्फ़ युवा के लिए है ?? इस दिन में ऐसी क्या शर्मिंदगी है ?? क्यों आज भी हमारे बड़े प्यार को घृणा से देखते हैं ??क्यों परिवारों में प्यार के बारे में बच्चों से खुल के बात नहीं की जाती और जब होती है तो उससे गन्दा और भद्दा बता दिया जाता है ??

अच्छा मुझे बताइए, आपने कब अपनी पत्नी को कहा की आप उससे प्यार करते हैं और आप उससे अपने जीवन में आने के लिए धन्यवाद करते हैं। आपने कब अपने पति से कहा की आप उनसे बेहद प्यार करती हैं और उन्होंने कभी भी कोई को कमी नहीं होने दी। आपने कब अपने बच्चों को प्यार से गले लगाया और भगवान् को धन्यवाद किया की आप कितने आभारी हैं अनमोल रत्नों को पाकर। कब आपने अपने माता-पिता को प्यार से गले लगाया हो और उन्हें धन्यवाद किया हो उन हर बलिदानों का जो उन्होंने आपके लिए की। क्यों नहीं हम ये दिन परिवार के साथ मनाये और सुहानी यादें बनाएं। साल का एक दिन परिवार के लिए।

अगर फिर भी आपको तकलीफ है इस दिन से तो अपने बच्चों से बात कीजिये न की पाश्चात्य संस्कृति पर दोष लगाइए। अगर आपको लगता है की फिर हमारी युवा पीढ़ी ग़लत सभ्यता अपना रही है तो उन्हें समझाएं न की उन्हें कोसें, उनसे बात करें, उनकी बात समझे और अपनी बात को समझाएं। इस तरह से व्यवहार करके हम क्या साबित करना चाह रहे हैं ?? प्यार बढ़ाइये न की नफरत।

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2 thoughts on “Valentine’s Day – क्या प्यार का इज़हार करना कोई गुनाह है ??? –

  1. Bismil

    Afsos ki baat hai ki hum aaj Paaschatya ka nakaab pehan kar apni pehchaan ko kho dene pe aamadaa ho gaye hain….Aus usase bhi kahin jyada afsos ki baat hai ki kuch log laathoiyon ke sahaarey apane aap ko hamaari sabhyataa ka thekedaar samjhtey hain…

    Reply
  2. Vinay Prajapati 'Nazar'

    बहुत सही बात कही, पहले अपना हित सोचते हैं और बाद में हमपे तोहमत लगाते हैं।—< HREF="http://pinkbuds.blogspot.com" REL="nofollow">गुलाबी कोंपलें<>< HREF="http://prajapativinay.blogspot.com" REL="nofollow">चाँद, बादल और शाम<>

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