कभी-कभी….

समझ नहीं रहा क्या लिखूं क्यूँ की लिखने के लिए कुछ भी नहीं है। मन कर रहा है लिखने का लेकिन क्या ??
अच्छा में आपको बताती हूँ की आजकल मैं क्या कर रही हूँमैं माँ के लिए शौल बना रही हूँ। देखिये

बस कुछ सिलायाँ और फिर तैयार। आशा करती हूँ की इस हफ्ते तक खत्म हो जाए। मैंने अपनी सासुमाँ के लिएभी एक शौल बनाया था लेकिन उसकी तस्वीर लेना भूल गई, जब भी मौका मिला तो उसकी भी तस्वीर डालूंगी।

फिर मुझे कुछ चित्र बनाने हैं बहुत दिन हो गए रंगों को हाथ लगाये। साथ ही साथ कुछ गमले रखने हैं आँगन में, बहुत मन है पौधें लगाने का। अब सर्दियाँ भी कम हो गई और बसंत भी आने को है। आप लोगों को ज़रूर बतओंगी की मैंने कौनकौन से पौधे लगाये। और सबसे बड़ी बात महीनों से gym नहीं गई, वो भी शुरू करना है। साथ साथ पढाई भी करनी है। करने को बहुत कुछ है, देखिये कितना कर पाती हूँ।

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12 thoughts on “कभी-कभी….

  1. उन्मुक्त

    यह तो बहुत अच्छी बात है कि आप अपनी सासू मां के लिये भी शॉल बना रहीं हैं। परिवार को जोड़ कर रखने में इससे अच्छा तरीका नहीं हो सकता। लेकिन मुझे आपकी सबसे अछ्छी बात आपका कहना, ‘साथ साथ पढाई भी करनी है’ लगी। शादी के बाद कम महिलायें यह कर पाती हैं। आप हिन्दी में बहुत अच्छा लिखती हैं। क्यों नहीं अपने चिट्ठे को हिन्दी फीड एग्रगेटर के साथ पंजीकृत करा लेतीं। इनकी सूची < HREF="http://hindi-blog-podcast.blogspot.com/2006/10/blog-post_7412.html" REL="nofollow"> यहां<> है। इस कारण बहुत से लोग आपकी बात पढ़ कर लाभान्वित होंगे। कृपया वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें। यह न केवल मेरी उम्र के लोगों को तंग करता है पर लोगों को टिप्पणी करने से भी हतोत्साहित करता है।

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  2. Richa

    Dhanyawaad Unmukt !!mujhe jaankar bahut khushi hui ki Internet par Hindi Blogs-Podcast ka apna ek sansaar sa ban gaya hai. Aur apka bahut dhanyawaad mujhtak uski jaankari dene ke liye. Ek baat bataiye aapne comment Hindi main kaise likha, mujhe aajtak nahi pata chala iske baare main.

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  3. उन्मुक्त

    रिचा जीमैं लिनेक्स में काम करता हूं। इसमें हिन्दी का बहुत अच्छा समर्थन है। इसलिये मुझे हिन्दी में लिखने या किसी भी वेबसाइट पर मुश्किल नहीं हुई। स्किम (SCIM) आपको अलग अलग कीबोर्ड यह करने की सुविधा देता है।यदि आप विंडोज़ पर काम करती हैं तो भी यह मुश्किल नहीं है। आप कैफे हिन्दी का प्रयोग करें। आप इसे < HREF="http://cafehindi.com/download/utt/utt.zip" REL="nofollow"> यहां<> से मुफ्त में डाउनलोड कर सकती हैं। इसमें कई की-बोर्ड हैं यदि आप अंग्रेजी में टाइप करने की आदी हों तो इसका फोनेटिक की-बोर्ड प्रयोग करें। इससे आप ऑफलाइन भी टाइप कर सकती हैं। मैं इसके बारे में और ज्यादा नहीं बता सकता क्योंकि मैं विंडोज़ पर कार्य नहीं करता पर इसके बनाने वाले जरूर बता सकते हैं। आप < HREF="http://groups.google.com/group/Chithakar?hl=hi" REL="nofollow"> हिन्दी चिट्ठकार<> की सदस्य बन जाईये। यह आपको सब तरह की तकनीकी सहायता भी दे सकता है।हिन्दी चिट्ठजगत का बहुत सुन्दर और प्यारा सा संसार है। इसमें लगभग ५००० चिट्ठाकार हैं। कुछ लोग जिसमें मैं भी हूं, हिन्दी में पॉडकास्ट भी करते हैं।मेरा ईमेल < HREF="unmukt.s@gmail.com" REL="nofollow">यह<> है। यदि कुछ और मुश्किल हो तो पूछने में हिचकिचाइये का नहीं।

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  4. Raviratlami

    रिचा जी,हिन्दी में सीधे कमेंट करने के लिए आपको या तो सीधे हिन्दी आईएमई की सहायता लेनी होगी, या फिर जैसे गूगल ब्लॉगर ट्रांसलिट्रेशन से ब्लॉग लिखती हैं, वैसे ही क्विलपैड नामक सेवा से वहाँ लिखें और कट-पेस्ट कर यह काम करें.क्विलपैड की कड़ी है – http://quillpad.in/hindi/रवि

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  5. Richa

    धन्यवाद उन्मुक्त, देखिये अब मै भी हिन्दी लिख सकती हु। बस ये समझ नही आ रह कि “बिन्दी” क प्रयोग कैसे करु ?धन्यवाद रविजी और अनिलजी।

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  6. उन्मुक्त

    आपका अन्तरजाल के हिन्दी संसार में स्वागत है। आशा है कि आप न केवल नियमित रूप से लिखेंगी पर आरों को भी हिन्दी में लिखने के लिये प्रेरित करेंगी।लिनेक्सके फोनेटिक कीबोर्ड में, मै इसे शिफ्ट एम (M) से लिखता हूं।

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  7. transient

    Waah! kitni achhi baat hai. Maine bhi shawl banana chaha aur meri ma aur saasu ma dono ne us plan par paani daal diya, dono ne kaha, kya zarurat hai beta kaun pehnega? aur bazaar me itni achchi shawl milti hai! hai ram ! jaise main bura sa shawl banane waali thi. to maine apni beti ke liye kambal bana daala. vo to abhi choti hai zyada behes nahi karti.par aapka shawl bahut sundar hai, knit or crochet? tasveer chotti hai theek se dikh nahi raha is liye pooch rahi hoon.

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  8. Richa

    Thank you Transient,arey maine apni dono maaoin ko nahi bataya tha ki unke liye aise kuch ho raha hai, aap chupke se banana. aur ek baat wo pal itna khosoorat hota hai jab unhe shawl mila. meri saasu-ma ro padi aur phir main bhi :))ye shawl to knitted hai.aajkal main ek afghan crochet se bana rahi hu, bante hi tasveer dalungi.

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