Monthly Archives: December 2008

साल २००८ !!

समय आ गया है की अब हम साल २००८ को अलविदा कहें और नए साल के आगमन की तैयारियां करें । ये साल जैसे पंख लगा कर उड़ गया, और अपने आगन मैं कुछ हरेभरे और कुछ सूखे पत्ते छोड़ गया । ये साल मेरे और विशाल के लिए विशेष था, हमने एकसाथ पहला कदम उठाया था । अपने परिवारों से दूर इस अजनबी देश में ज़िन्दगी के शुरूआती समय बिताने का निर्णय लिया । अपनी स्थापित जीवन-व्रती को छोड़ कर नए सिरे से प्रारम्भ किया । शुरू के कुछ महीने कठिन थे । हमारे लिए ज़रूरी था की हम सब कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने रिश्ते को मजबूत करे, और हमने ये ही किया । हमने साबित कर दिया चाहे कितनी भी मुसीबत या परेशानियां आ जायें हमदोनो के प्रेम की मजबूत गांठ के आगे कुछ नहीं है। और आज जब मैंने पीछे मुड़ कर देखती हूँ तो सब शन्भन्गुर लगता है । गर्वान्वित हूँ की हमने अपना धेर्य नहीं छोड़ा जब समय हमारे अनुसार नहीं था । मैं भगवान को धन्यवाद करती हूँ की उसनें हमदोनो को मुसीबतों से लड़ने की शक्ति प्रदान की और प्रार्थना करती हूँ की हमेशा से इसी तरह से अपना आशीर्वाद प्रदान करता रहे ।
ये साल ने कुछ स्वास्थ्य-सम्बन्धी मुश्किलें भी दी हैं हमदोनों परिवारों और कुछ निकटतम परिवारों को भी । हालाँकि, भगवान् की कृपा से हमारे परिवार में अब सब सामान्य है पर उन सब परिवारों के लिए भगवान से प्रार्थना करती हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और आशा करती हूँ की भगवान उन्हें संकट से उभरने की शक्ति दें ।

ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुघंधिम पुष्टिवर्धनम ।
उर्वारुक्मिवा भंध्नान म्र्तियोर मुक्षीय माम्रतात ।।

Merry Christmas !!

मैंने अपने बचपन मैं सिर्फ़ १-२ साल ही Missionary School मैं पढ़ी हु । शायद मैं तब ५-६ साल की होंगी, जब मुझे पता चला Christmas Day के बारे मैं। मुझे सुन कर बहुत अछा लगा था की ये दिन Jesues Christ का जन्मदिन होता है । Christmas Tree सजाया जाता है, Santa Claus आ कर बच्चो के लिए चुपके से तौफे रख के जातएं हैं। ये सुन कर ऐसा लगा की जैसे ये दिन सिर्फ़ बच्चो के लिए ही बनाया गया हो ।
ये बात शायद तब की है जब मैं KG-II मैं थी. मैं अपने दादा -दादी और बुआ के साथ रहती थी. स्कूल मैं हमसे कहा गया की सब बच्चे अच्छे से तैयार हो कर आएंगे क्यूंकि सबको Church ले जाया जाएगा . मैं उसदिन बहुत खुश थी क्यूंकि मैंने Church सिर्फ़ किताबो मैं ही देखा था. बुआ को एक दिन पहले ही बोल दिया की मुझे सबसे अछी ड्रेस पहनी है और उसके साथ के ribbons लगाने हैं अपनी चोटी मैं. मैं हमेशा अपने जूते साफ करने से भागती थी, कोई न कोई बहाना तैयार रहता था पर उसदिन मैंने अपने हाथो से जूते साप किए । मेरी दादी तो हैरान-परेशान।
पहले बार Church जा रही थी, मैं नही चाहती थी Jesus Christ मुझे देख कर कुछ और सोचे . Impression का सवाल था ।
मुझे आज भी अच्छे से याद है वो दिन – Church मैं अन्दर जाते ही बहुत बड़ा Christmas Tree था। उसे बहुत सुंदर सजाया गया था, उसमें नन्हे नन्हे खिलोने लटके थे, जगमग रौशनी थी, और सबसे ऊपर एक बहुत बड़ा सितारा। अन्दर सुंदर से झांकी थी जिसमें Jesus के जनम की रात को दर्शाया गया था। झांकी इतनी सुंदर थी की मुझे ऐसा लगा की मैं सब अपनी आंखों से देख रही हु।
शाम को घर आ कर दादी से जा कर कहा की मुझे भी Christian बनना है और Christmas Day मनाना है। २-३ घंटे मैं सिर्फ़ यही कर रही थी – पुरे घर मैं कैरोल गा रही थी, उसपर डांस कार रही थी और बीच बीच मैं दादी को Christmas Day के बारे मैं बता रही थी । कम से कम २-३ घंटे मैं ५-६ बार तोह बताया होगा मैंने उनको . जब दादी बोर हो गई मेरी कहानी सुन कर तब बुआ को बताया और ये कह कर झगडा किया की उनका स्कूल अच्छा नही है क्यूंकि उसमें Christmas Day नही मनाया जाता , दादाजी को बताया और उन्हें एक Carol गा कर सुनाया। वो खुश हो गए और बोले जल्दी से मम्मी-पापा को चिठ्ठी लिख कर बताओ की तुमने क्या क्या देखा की इससे पहले तुम भूल जाओ। तब मैंने अपनी पहली चिठ्ठी लिखी थी ।

और आज मैं जब वो दिन याद करती हु तो इतनी पुराणी यादें याद आ जाती हैं।
मैंने सोचा है की अपने बच्चो के साथ Christmas Day मनाया करुँगी। मुझे आज भी ये त्यौहार बच्चो के लिए बनाया गया त्यौहार लगता है। Christmas Tree सजाना, Santa Claus का इंतज़ार करना ।
मुझे हमेशा से लगा है की त्यौहार हमारे संबंधो को मज़बूत करते हैं और उसमें प्यार और विश्वास लाते हैं। हिंदू संस्कृति मैं त्योहारों की कमी नही है लेकिन अगर और एक प्यारा सा त्यौहार मेरी फेरिस्त मैं आ जाएगा तो क्या हुआ …….

I am gonna write my Blog in Hindi !

People I have deicided to switch language, from English to Hindi. I feel that I could write more effectively in hindi then in english and plus I am missing Hindi 😦
This will help me to express myself more and I could frequently write about my feelings. You know it has been more than a month I have written any thing and there are so much inside.

So here I come…..